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Ancient History Quiz Part-9 Mcq : बौद्ध धर्म प्रश्नोत्तरी | UPSCSITE

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नमस्कार दोस्तों, UPSC SITE आपके लिए लेकर आया है प्राचीन भारत का इतिहास के Ancient History Quiz Part-9 Mcq : बौद्ध धर्म प्रश्नोत्तरी – Objective Question Answer, जिनकी प्रैक्टिस आप ऑनलाइन कर सकते है। हमारे संग्रह टेस्ट्स को प्रैक्टिस करने के बाद आपको अपनी तैयारी में अंतर समझ आने लग जायेगा। क्यूंकि हमने यहां पर केवल उन्ही प्रश्नो को सम्मिलित किया है जो किसी न किसी परीक्षा में पहले पूछे जा चुके है। लगभग भारत की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न बार – बार दोहराये जाते रहें है।

Ancient History Quiz Part-9 Mcq : बौद्ध धर्म प्रश्नोत्तरी

यहां टॉपिक वाइज प्रश्नोत्तरी दिए गए हैं जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले सभी एस्पिरेंट्स के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण एवं लाभदायक साबित होने वाली है। यह ‘प्राचीन भारत का इतिहास’ Ancient History Quiz Part-9 Mcq : बौद्ध धर्म प्रश्नोत्तरी की टेस्ट सीरीज सभी एस्पिरेंट्स के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न के अनुसार स्मार्ट स्टडी करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध होने वाली है।

161. निम्नलिखित में से कौन-से शासक ने बौद्धमत के विस्तार में योगदान नहीं दिया?

  1. हर्षवर्धन
  2. कनिष्क
  3. अशोक
  4. पुष्यमित्र शुंग

उत्तर- D

अशोक, कनिष्क और हर्षवर्धन बौद्ध धर्म के विकास में योगदान दिया, जबकि शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग ने मगध साम्राज्य पर अधिकार जमाकर जहां एक और यवनों के आक्रमण से देश की रक्षा की वहीं दूसरी और देश में शांति व्यवस्था की, जो अशोक के शासनकाल में उपेक्षित हो गए थे।

इसी कारण उसका काल वैदिक प्रतिक्रिया अथवा अधिक पुनर्जागरण का काल भी कहा जाता है।

162. भारतीय इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन भावी बुद्ध है, जो संसार की रक्षा हेतु अवतरित होंगे?

  1. अवलोकितेश्वर
  2. लोकेश्वर
  3. मैत्रेय
  4. पद्मपाणि

उत्तर- C

बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, मैत्रेय (संस्कृत) एक बोधिसत्व है।

जो पृथ्वी पर भविष्य में अवतरित होंगे और बुद्धत्व प्राप्त करेंगे तथा विशुद्ध धर्म की शिक्षा देंगे।

मैत्रेय के अवतरण की भविष्यवाणी ऐसे समय के लिए की गई है, जब इस लोक में अनैतिकता- अनाचार इतना बढ़ जाएगा कि मानव जीवन असुरक्षित होता दिखेगा, सुरक्षा के लिए लोग इधर-उधर भटकेंगे। सर्वत्र त्राहि-त्राहि मच जाएगी और मानव जीवन संघर्षमय बनता दिखेगा।

ऐसे आपातकाल में ‘बोधिसत्व मैत्रेय’ इस भूतल पर भविष्य के बुद्ध के रूप में अवतार लेंगे।

वह पुनः बौद्ध धर्म की स्थापना करेंगे और सभी मानवों को सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करेंगे।

163. भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

  1. बोधिसत्व, बौद्धमत के हीनयान संप्रदाय की केंद्रीय संकल्पना हैं।
  2. बोधिसत्व अपने प्रबोध के मार्ग पर बढ़ता हुआ करुणामय है।
  3. बोधिसत्व समस्त सचेतन प्राणियों को उनके प्रबोध के मार्ग पर चलने में सहायता करने के लिए स्वयं के निर्माण प्राप्ति विलंबित करता है।

उपयुक्त कथनों में से कौन सा सही है-

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 2
  4. 1, 2 और 3

उत्तर- B

बोधिसत्व बौद्धमत के महायान संप्रदाय का आदर्श एवं केंद्रीय संकल्पना है।

बौद्ध धर्म में, बोधिसत्व, सत्व के लिए प्रबुद्ध (शिक्षा दिए हुए) को कहते हैं।

पारंपरिक रूप से महान दया से प्रेरित, बौद्धिकचित्त, जनित सभी संवेदनशील प्राणियों के लिए लाभ के लिए सहज इच्छा से बुद्धत्व प्राप्त करने वाले को बोधिसत्व माना जाता है।

10 पारमिताओ का पूर्ण पालन करने वाला बोधिसत्व कहलाता है।

बुद्ध बनना ही बोधिसत्व के जीवन की पराकाष्ठा है। बौद्ध धर्म का अंतिम लक्ष्य संपूर्ण मानव समाज से दुख का अंत है।

बौद्ध धर्म के अनुसार चार आर्य सत्य है- 1. दुख, 2. दुख समुदाय, 3. दुख निरोध तथा 4. दुख निरोध का मार्ग।

बौद्ध धर्म के अनुयाई अष्टांगिक मार्ग के अनुसार जीवन, जीवन जीकर अज्ञानता और दुख से मुक्ति और निर्वाण पाने की कोशिश करते हैं।

164. बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रायः चित्रित चित्रकारी है, जो-

  1. अजंता में है
  2. बदामी में है
  3. बाघ में है
  4. एलोरा में है

उत्तर- A

गुफा संख्या 1 की बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र अजंता चित्रकला की श्रेष्ठ कला कृतियों में से एक है।

इसे छठी शताब्दी ईस्वी के अंत में निष्पादित किया गया था।

चित्र में बोधिसत्व पद्मपाणि राजसी शैली में एक नीलम जड़ित मुकुट पहना हुआ है, उसके लंबे काले बाल मनोहारी रूप से झूक रहे हैं।

रमणीय रीति से अलंकृत यह आकृति आदमकद से भी बड़ी है और इसमें उसके दाहिने हाथ कुछ-कुछ रुके हुए तथा कमल के पुष्प को पकड़े हुए दर्शाया गया है।

165. हीनयान अवस्था का विशालतम एवं सर्वाधिक विकसित शैलकृत चैत्यगृह स्थित हैं-

  1. पीतलखोरा में
  2. जूनागढ़ में
  3. कार्ले में
  4. बेडसा में

उत्तर- C

हीनयान अवस्था का विशालतम एवं सर्वाधिक विकसित शैलकृत चैत्यगृह कार्ले में स्थित है। यह पुणे महाराष्ट्र के मावल तालुका में स्थित है।

Ancient History Quiz Part-9 Mcq

166. प्रथम शताब्दी ईस्वी में किस भारतीय बौद्ध भिक्षुक को चीन भेजा गया था?

  1. असंग
  2. अश्वघोष
  3. वसुमित्र
  4. नागार्जुन

उत्तर- D

नागार्जुन कनिष्क के दरबार के एक महान विभूति था। उसने अपनी पुस्तक ‘माध्यमिक कारिका’  में सापेक्षता सिद्धांत को प्रस्तुत किया। चीनी मान्यता के अनुसार, नागार्जुन ने चीन की यात्रा कर वहां बौध्द शिक्षा प्रदान की थी।

167. शून्यता के सिद्धांत का सर्वप्रथम प्रतिपादन करने वाले बौद्ध दार्शनिक का नाम है-

  1. नागार्जुन
  2. नागसेन
  3. आनंद
  4. अश्वघोष

उत्तर- A

माध्यमिक या शून्यवाद मत के प्रवर्तक नागार्जुन है, जिनकी प्रसिद्ध रचना माध्यमिक कारिका है।

इसे सापेक्षवाद भी कहा जाता है।

जिसके अनुसार प्रत्येक वस्तु किसी न किसी कारण से उत्पन्न हुई है और वह उन पर निर्भर है।

नागार्जुन ने ‘प्रतीत्यसमुत्पाद’ को ही शून्यता कहा है।

168. बौद्ध शिक्षा का केंद्र है-

  1. विक्रमशिला
  2. वाराणसी
  3. गिरनार
  4. उज्जैन

उत्तर- A

प्राचीन काल में बौद्ध शिक्षा के तीन प्रमुख केंद्र थे-

(1) नालंदा

(2) वल्लभी और

(3) विक्रमशिला

169. नालंदा विश्वविद्यालय के स्थापन का युग है-

  1. मौर्य
  2. कुषाण
  3. गुप्त
  4. पाल

उत्तर- C

170. नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक कौन थे?

  1. चंद्रगुप्त विक्रमादित्य
  2. कुमारगुप्त
  3. धर्मपाल
  4. पुष्पगुप्त

उत्तर- B

Ancient History Quiz Part-9 Mcq

171. नालंदा विश्वविद्यालय किसलिए विश्वप्रसिद्ध था?

  1. चिकित्सा विज्ञान
  2. तर्कशास्त्र
  3. बौद्ध धर्म दर्शन
  4. रसायन विज्ञान

उत्तर- C

नालंदा विश्वविद्यालय बौद्ध धर्म दर्शन के अध्ययन के लिए विश्वप्रसिद्ध था।

उसी के अध्ययन के लिए चीनी यात्री हेनसांग यहां आया था।

172. प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन से बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान रूप से विद्यमान था।

  1. तप और भोग के अति का परिहार
  2. वैद-प्रामाण्य के प्रति अनास्था
  3. कर्मकांड की फ़लवत्ता का निषेध

निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए-

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर- B

173. आरंभिक मध्ययुगीन समय में बौद्ध धर्म का पतन किस/किन कारणों से शुरू हुआ?

  1. उस समय तक बुद्ध, विष्णु के अवतार समझे जाने लगे और वैष्णव धर्म का हिस्सा बन गए।
  2. अंतिम गुप्त राजा के समय तक आक्रमण करने वाली मध्य एशिया की जनजातियों ने हिंदू धर्म को अपनाया और बौद्धों को सताया।
  3. गुप्त वंश के राजाओं ने बौद्ध धर्म का पुरजोर विरोध किया।

उपयुक्त में से कौन सा कथन सही है-

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 3
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर- A

आरंभिक मध्ययुगीन समय में भारत में बौद्ध धर्म का पतन इसलिए हुआ कि उस समय बुध्द और विष्णु के अवतार समझे जाने लगे और वैष्णव धर्म का हिस्सा बन गए।

174. भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

  1. सौत्रांतिका और सम्मितीय जैनमत के संप्रदाय थे।
  2. सर्वास्तिवादियों की मान्यता थी कि दृग्विष्य (फिनोमिना) के अवयव पूर्णतः क्षणिक नहीं हैं, अपितु अव्यक्त रूप से सदैव विद्यमान रहते हैं।

उपयुक्त कथनों में से कौन सा सही है-

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2
  4. न तो 1, न ही 2

उत्तर – B

सौंत्रान्तिक और सम्मितीय जैनमत के संप्रदाय नहीं, अपितु बौद्ध मत के संप्रदाय हैं। अतः कथन एक असत्य सर्वास्तिवाद में 3 शब्द है- सर्वम+अस्ति+वाद।

इस प्रकार तृतीय बौद्ध संगीति में जिन भिक्षुओं ने सभी तत्वों का अस्तित्व सभी कार्यों में स्वीकार किया वह संगीति छोड़कर कश्मीर चले गए और सर्वास्तिवादी कहलाए।

175. सुल्तानी युग में बौधों की कौन सी शाखा सबसे प्रभावशाली थी-

  1. थेरवाद
  2. हीनयान
  3. व्रजयान
  4. तंत्रयान

उत्तर- C

मध्यकाल में बौद्धों की व्रजयान शाखा का सबसे अधिक प्रभावशाली थी।

ब्रज यान का सबसे अधिक विकास आठवीं शताब्दी में हुआ था तथा इसके सिद्धांत ‘मंजुश्रीमूलकल्प’ तथा ‘गुह्यसमाज’ नामक ग्रंथों में मिलते हैं।

Ancient History Quiz Part-9 Mcq

176. जैन धर्म के संस्थापक हैं-

  1. आर्य सुधर्मा
  2. महावीर स्वामी
  3. पार्श्वनाथ
  4. ऋषभदेव

उत्तर- D

जैन धर्म के मूल संस्थापक के प्रवर्तक प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव या आदिनाथ माने जाते हैं।

महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे, जिन्होंने छठी शताब्दी ईसा पूर्व में जैन धर्म का प्रसार किया।

177. जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर कौन थे?

  1. पार्श्वनाथ
  2. ऋषभदेव
  3. महावीर
  4. चेतक
  5. त्रिशला

उत्तर- B

178. जैन ‘तीर्थंकर’ पार्श्वनाथ निम्नलिखित स्थानों में से मुख्यतः किससे संबंधित थे?

  1. वाराणसी
  2. कौशांबी
  3. गिरिब्रज
  4. चम्पा

उत्तर- A

179. महावीर स्वामी का जन्म कहां हुआ था?

  1. कुंडग्राम में
  2. पाटलिपुत्र में
  3. मगध में
  4. वैशाली में

उत्तर- A

180. कुंडलपुर जन्मस्थान हैं-

  1. सम्राट अशोक का
  2. गौतम बुध का
  3. महावीर स्वामी का
  4. चैतन्य महाप्रभु का

उत्तर- C

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